
Sanjeev Kumar
khelja|24-04-2026
हर ICC टूर्नामेंट के साथ कुछ दिग्गज खिलाड़ियों का क्रिकेट करियर भी अपने अंत की ओर बढ़ जाता है. हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी ऐसा देखने को मिला था और अब आने वाले महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी ऐसा होने जा रहा है. टूर्नामेंट शुरू होने से 2 महीने पहले ही इसका ऐलान भी हो गया है. न्यूजीलैंड की पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सूजी बेट्स ने ऐलान किया है कि इंग्लैंड में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के बाद वो इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लेंगी.
इंग्लैंड में 12 जून से महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होगा, जिसमें न्यूजीलैंड डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगी.
टीम ने 2024 में अपना पहला खिताब जीता था और सूजी बेट्स उस टीम का अहम हिस्सा थीं. अब टीम को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने के इरादे से वो फिर से मैदान में उतरेंगी. उन्हें इसमें सफलता मिलेगी या नहीं, ये तो टूर्नामेंट शुरू होने के बाद ही पता चलेगा लेकिन नतीजा जो भी हो, इस वर्ल्ड कप के साथ ही बेट्स के सफल इंटरनेशनल करियर का अंत हो जाएगा.इस वर्ल्ड कप के लिए न्यूजीलैंड के स्क्वॉड के ऐलान से ठीक पहले बेट्स ने अपना फैसला सुनाया. 38 साल की सूजी बेट्स ने अपने सफल करियर पर संतोष और खुशी जाहिर की और कहा कि उनका आखिरी मिशन इंग्लैंड में टीम को दोबारा चैंपियन बनाना है. बेट्स का इस वर्ल्ड कप के लिए चयन पक्का है और उनके लिए इस पल को ज्यादा खास बनाने के लिए न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड बेट्स के ही बचपन के स्कूल में स्क्वॉड का ऐलान करेगा.
सूजी बेट्स के नाम टी20 इंटरनेशनल (महिला और पुरुष मिलाकर) में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड है. उन्होंने 181 मुकाबलों में 4717 रन बनाए हैं, जिसमें उन्होंने 1 शतक और 28 अर्धशतक जमाए हैं. संयोग से उन्होंने अभी तक वनडे में भी 181 मैच ही खेले हैं, जिसमें उनके नाम 5964 रन हैं. यहां उन्होंने 13 शतक और 37 अर्धशतक जमाए हैं. इतना ही नहीं, बेट्स ने वनडे में 83 और टी20 में 62 विकेट लेकर भी न्यूजीलैंड की सफलता में योगदान दिया है.
न्यूजीलैंड की इस दिग्गज खिलाड़ी को सिर्फ उनका क्रिकेट करियर ही खास नहीं बनाता बल्कि वो सही मायनों में एक ऑलराउंड एथलीट हैं.
अपने 20 साल के क्रिकेट करियर के बीच में सूजी बेट्स ने बास्केटबॉल में भी कमाल किया था. इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद भी वो न्यूजीलैंड के लिए बास्केटबॉल खेल रही थीं और इसमें में 2008 के बीजिंग ओलंपिक में भी कोर्ट में उतरी थीं.



